Friday, June 22, 2007

इति सरल है अथ कठिन है; हर शिखर का पथ कठिन है। पालकर मन में मनोरथ, त्यागना स्वारथ कठिन है। जीतना ईश्वर सहज पर, जीतना मन्मथ कठिन है। चाह गंगा अवतरण की, किंतु भागीरथ कठिन है। छल कपट के राजपथ पर, ढूंढना सत्पथ कठिन है। राजरति की बदनजर से, बच सकेगी नथ कठिन है। हों न अब मृदु भावनाएं, खून से लथपथ, कठिन है। इस अंधेरे से गुजरना सूर्य का भी रथ, कठिन है।
चंद्रभान भारद्वाज